Rewa Loksabha : रीवा से जनार्दन को फिर मिली टिकट । उपमुख्यमंत्री से गच्चा खा गए महाराजा पुष्पराज सिंह ,अजय सिंह , गौरव तिवारी सहित अन्य की दावेदार !

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Rewa Loksabha : भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर 195 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। PM मोदी एक बार फिर वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे । भाजपा की इस सूची में 34 मंत्रियों के नाम शामिल है जिन पर पर एक बार फिर से भरोसा जताया गया है ।

Rewa Loksabha: भाजपा ने इस बार 28 महिलाओं, 57 ओबीसी, 27 एससी,18 एसटी एवं 47 युवा चेहरों को टिकट दिया है। मध्यप्रदेश की 29 में से 24 लोकसभा सीट्स पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई है तो वहीं 5 सीट्स पर उम्मीदवारों का फैसला होना अभी बाकी है।

BJP candidates list 2024: भाजपा की लोकसभा चुनाव के लिए 195 उम्मीदवारों की सूची जारी। शिवराज जाएँगे दिल्ली।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को विदिशा लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा गया है तो वही 2018 विधानसभा चुनाव के बाद कॉंग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए वर्तमान में नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को गुना सीट से टिकट दी गई है ।

रीवा में फिर जनार्दन पर भरोसा

मध्यप्रदेश की रीवा लोकसभा सीट से 2 बार से सांसद जनार्दन मिश्रा पर पार्टी ने एक बार फिर भरोसा जताया है ।    रीवा लोकसभा सीट से भाजपा जिलाध्यक्ष अजय सिंह , महाराजा पुष्पराज सिंह , भारतीय जनता युवामोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव गौरव तिवारी,वरिष्ठ अधिवक्ता रावेंद्र मिश्रा सहित कई लोग अपनी दावेदारी पेश कर रहे थे । लेकिन दो बार से सांसद जनार्दन मिश्रा ने फिर बाजी मार ली ।

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जनार्दन मिश्रा को ऐसे मिला फायदा !

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के करीबी : जनार्दन मिश्रा मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के करीबी माने जाते हैं ।उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल वर्तमान में विंध्य के सबसे कद्दावर नेता है ।इसलिए विंध्य क्षेत्र में लोकसभा प्रत्याशियों के चयन में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल अग्रणी भूमिका में थे । इस बात का जनार्दन मिश्रा को फायदा मिला। वहीं दूसरे प्रबल दावेदार भाजपा के रीवा ज़िला अध्यक्ष अजय सिंह पटेल बीडी शर्मा गुट के माने जाते हैं।

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जातीय समीकरण: रीवा लोकसभा सीट ब्राह्मण बहुल सीट है । यहाँ पर ब्राह्मण मतदाता चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते है । यही कारण है कि प्रमुख राजनैतिक दल भाजपा और कॉंग्रेस यहाँ से ब्राह्मण चेहरों को प्रत्याशी बनाते हैं । और जनार्दन मिश्रा भाजपा के जातीय समीकरण में फिट बैठते हैं ।

रीवा लोकसभा सीट में ऐसा है जातीय समीकरण

रीवा लोक सभा सीट में कुल 16.66 लाख मतदाता हैं । इनमें से –

ब्राह्मण – 05 लाख

पटेल- 2.25 लाख

क्षत्रिय- 1.25 लाख

वैश्य- 02 लाख

कुशवाहा- 1.10 हजार

मुस्लिम- 80 हजार

अजा- 2.20 लाख

अजजा- 1.50 लाख

अन्य-80 हजार

(Note – ये आंकड़े 2019 लोकसभा चुनाव के समय के हैं एवं संबंधित जातियों के लोगों के दावे के अनुसार हैं।)

सिटिंग एमपी : जनार्दन मिश्रा लगातार दो बार से रीवा लोकसभा सीट से सांसद हैं । 2014 में भाजपा ने उन्हें रीवा सीट से प्रत्याशी बनाया तो वहीं कॉंग्रेस से स्वर्गीय सुन्दरलाल तिवारी और बसपा से देवराज पटेल को प्रत्याशी बनाया गया था । साधारण परिवार से आने वाले जनार्दन मिश्रा को कमजोर प्रत्याशी माना जा रहा था लेकिन 2014 की मोदी लहर में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सुन्दरलाल तिवारी से 1.68 लाख मतों से जीत दर्ज की थी ।

वहीं 2019 में कॉंग्रेस ने सुन्दरलाल तिवारी के पुत्र सिद्धार्थ तिवारी राज को चुनावी मैदान में उतारा था जिसमें जनार्दन मिश्रा ने 3 लाख 12 हजार 8 सौ 8 मतों से जीत दर्ज की थी । जिसका फ़ायदा उन्हें 2024 लोकसभा प्रत्याशी के चयन में भी मिला और उन्हें पार्टी ने टिकट दी ।

जमीनी स्तर पर पकड़ – जनार्दन मिश्रा की छवि जमीन से जुड़े नेताओं वाली है । जनता के बीच अक्सर उनका आना-जाना बना रहता है । जनार्दन मिश्रा को “लोग डाउन टू अर्थ” व्यक्तित्व का मानते हैं और यही वजह है कि जनार्दन भाजपा के ग्राउंड लेवल सर्वे में बाजी मार गए ।

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अन्य दावेदारों की हवा हवाई वाली दावेदारी –

रीवा लोकसभा सीट से जो अन्य नेता दावेदारी कर रहे थे उनकी दावेदारी सोशल मीडिया, पोस्टर , और दीवारों पर अपना नाम लिखवाने तक ही दिखी ।

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वो जमीनी स्तर पर लोगों के बीच नहीं पहुँचे । वो अपने गुट के नेताओ की जी-हूजूरी , सोशल मीडिया , होर्डिंग्स , पोस्टर और दीवारों पर अपना नाम लिखाने में ही अटके रहे और जनता के बीच सक्रियता से पहुँचे ही नहीं।

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