MP Politics : ”पूर्व मुख्यमंत्री श्री राम के कार्यक्रम में आने से मना करते थे ” आखिर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किस पूर्व मुख्यमंत्री पर साधा निशाना ..!
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्रियों पर सीधा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की खुलकर तारीफ की ,उन्होंने कहा कि डॉ. मोहन यादव ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो राम का नाम सुनते ही खुद को रोक नहीं पाते राम का नाम लिया और मुख्यमंत्री ने तुरंत कहा— मैं आऊंगा, चाहे सिर्फ पांच मिनट के लिए ही क्यों न हो।
कौन-से मुख्यमंत्री राम के नाम पर सिर्फ बातें करते रहे ?
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पहले भी कई मुख्यमंत्री रहे हैं, जो राम के नाम पर बड़े-बड़े बयान तो देते थे, लेकिन जब कार्यक्रम में आने की बात होती थी तो जवाब मिलता था— तुम ही देख लेना।उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मुख्यमंत्री सिर्फ बातों में राम का नाम लेते थे, लेकिन डॉ. मोहन यादव ने कभी राम के नाम पर मना नहीं किया।
क्यों बोले रामेश्वर शर्मा – प्रदेश को ऐसा ही मुख्यमंत्री चाहिए?
शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि मध्यप्रदेश को डॉ. मोहन यादव जैसे ही मुख्यमंत्री की जरूरत है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री सिर्फ कुर्सी पर बैठकर आदेश देने वाले नहीं हैं, बल्कि आस्था और संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों में खुद मौजूद रहने वाले नेता हैं।
रामेश्वर शर्मा का निशाना आखिर किस पर था?
अपने बयान को लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बाद रामेश्वर शर्मा ने सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निशाना किसी और पर नहीं, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर था। शर्मा ने कहा कि उन्होंने किसी और पूर्व मुख्यमंत्री का नाम नहीं लिया।
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राम मंदिर नहीं गए, लेकिन चर्च-मजार जाने में हिचक क्यों नहीं?
रामेश्वर शर्मा ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह आज तक राम मंदिर में दर्शन करने नहीं गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह खुद को ब्रह्मा समझने लगे हैं, जबकि चर्च और मजार पर जाने में उन्हें कोई संकोच नहीं होता।
राम के नाम पर राजनीति या आस्था का सवाल?
रामेश्वर शर्मा के इस बयान ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में राम मंदिर और आस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को आस्था से जुड़ा नेता बताया, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर सीधा हमला बोलकर सियासी पारा चढ़ा दिया।
